Kamakshi Amman Shakti Peeth – कामाक्षी अम्मन शक्ति पीठ स्थान: कांचीपुरम, तमिलनाडु पूजा जाने वाली शक्ति: माँ कामाक्षी पूजा जाने वाला भैरव: अघोरा शरीर का अंग: नाभि निकटतम हवाई अड्डा: चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कामाक्षी अम्मन मंदिर सबसे पूजनीय शक्ति पीठों में से एक है, जहाँ माना जाता है कि सती की नाभि गिरी थी। कांचीपुरम के मंदिर नगर में स्थित यह पवित्र स्थल शाक्त पूजा और दिव्य स्त्री ऊर्जा का केंद्र है, जो दुनिया भर से भक्तों को आकर्षित करता है।
Suchindram Shakti Peeth – सुचिंद्रम शक्ति पीठ स्थान: कन्याकुमारी, तमिलनाडु पूजी जाने वाली शक्ति: माँ नारायणी पूजे जाने वाले भैरव: संघारोर शरीर का अंग: दांत निकटतम हवाई अड्डा: त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सुचिंद्रम शक्ति पीठ कन्याकुमारी के पास स्थित है और इसका संबंध सती के दांत गिरने की घटना से है। यह मंदिर दिव्य पुरुष और स्त्री ऊर्जाओं के सामंजस्य को दर्शाता है और अपनी स्थापत्य कला और आध्यात्मिक महत्व के लिए पूजनीय है।
Bhagavathy Amman Shakti Peeth – भगवती अम्मन शक्ति पीठ स्थान: कन्याकुमारी, तमिलनाडु पूजी जाने वाली शक्ति: माँ कुमारी पूजे जाने वाले भैरव: निमिष शरीर का अंग: रीढ़ की हड्डी (पीठ) निकटतम हवाई अड्डा: त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत के सबसे दक्षिणी छोर पर स्थित कन्याकुमारी का भगवती अम्मन मंदिर वह स्थान है जहाँ माना जाता है कि सती की रीढ़ की हड्डी गिरी थी। यह मंदिर शाश्वत पवित्रता और शक्ति का प्रतीक है, जो आध्यात्मिक संतुष्टि और आंतरिक स्पष्टता के लिए असंख्य तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है।
Bhramaramba Shakti Peeth – भ्रमरम्बा शक्ति पीठ स्थान: श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश शक्ति की पूजा इस प्रकार की जाती है: माँ भ्रामराम्बा भैरव की पूजा इस प्रकार की जाती है: मल्लिकार्जुन शरीर का भाग: गर्दन निकटतम हवाई अड्डा: हैदराबाद हवाई अड्डा भ्रामराम्बा शक्ति पीठ प्रसिद्ध श्रीशैलम मंदिर परिसर का हिस्सा है और उस स्थान को चिह्नित करता है जहां माना जाता है कि सती की गर्दन गिरी थी। भक्त यहां भगवान मल्लिकार्जुन के साथ मां भ्रामराम्बा की पूजा करते हैं, जिससे यह एक शक्तिशाली ज्योतिर्लिंग और शक्ति पीठ स्थल बन जाता है।
Sarvashail (Rakini) Shakti Peeth – सर्वशैल (राकिनी) शक्ति पीठ स्थान: राजमुंदरी, आंध्र प्रदेश शक्ति की पूजा की जाती है: माँ राकिनी भैरव की पूजा इस प्रकार की जाती है: वत्सनाभ शारीरिक भाग: गाल निकटतम हवाई अड्डा: राजमुंदरी हवाई अड्डा सर्वशैल या राकिनी शक्ति पीठ राजमुंदरी में गोदावरी नदी के तट पर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि यह वह स्थान है जहां सती के गाल गिरे थे, यह एक शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से ऊर्जावान स्थल है जो शक्ति के उग्र और पोषण करने वाली मां राकिनी को समर्पित है।
Ambika Shakti Peeth – अंबिका शक्ति पीठ स्थान: भरतपुर, राजस्थान पूजा जाने वाली शक्ति: माँ अंबिका पूजा जाने वाला भैरव: अमृतेश्वर शरीर का अंग: नाभि निकटतम हवाई अड्डा: आगरा हवाई अड्डा भरतपुर स्थित अंबिका शक्ति पीठ को वह पवित्र स्थान माना जाता है जहाँ सती की नाभि गिरी थी। माँ अंबिका को समर्पित यह मंदिर भक्ति और आस्था के माध्यम से आध्यात्मिक पोषण और आंतरिक शक्ति की तलाश करने वाले भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Gayatri Manibandh Shakti Peeth – गायत्री मणिबंध शक्ति पीठ स्थान: पुष्कर, राजस्थान पूजा जाने वाली शक्ति: माँ गायत्री पूजा जाने वाले भैरव: सर्वानंद शरीर का अंग: दोनों कलाइयाँ निकटतम हवाई अड्डा: जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पुष्कर के पवित्र नगर में गायत्री मणिबंध शक्ति पीठ स्थित है, जिसे वह स्थान माना जाता है जहाँ सती की कलाइयाँ गिरी थीं। अपने पवित्र सरोवर और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध, यह मंदिर वैदिक ज्ञान और मंत्रों की देवी माँ गायत्री को समर्पित है।
Ambaji Shakti Peeth – अंबाजी शक्ति पीठ स्थान: बनासकांठा, गुजरात पूजा जाने वाली शक्ति: माँ अम्बा पूजा जाने वाला भैरव: बटुक भैरव शरीर का अंग: हृदय निकटतम हवाई अड्डा: अहमदाबाद हवाई अड्डा राजस्थान-गुजरात सीमा के पास स्थित अंबाजी शक्ति पीठ को सती का हृदय माना जाता है। माँ अम्बा का यह मंदिर एक शक्तिशाली आध्यात्मिक केंद्र और एक प्रमुख तीर्थस्थल है, जो अपने जीवंत उत्सवों और शक्तिशाली ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है।
Janasthan Shakti Peeth – जनस्थान शक्ति पीठ स्थान: नासिक, महाराष्ट्र पूजा जाने वाली शक्ति: माँ भ्रमरी पूजा जाने वाला भैरव: विकृतक्ष शरीर का अंग: ठुड्डी निकटतम हवाई अड्डा: नासिक हवाई अड्डा पवित्र नगर नासिक में स्थित जनस्थान शक्ति पीठ को वह स्थान माना जाता है जहाँ सती की ठुड्डी गिरी थी। आध्यात्मिक इतिहास और पौराणिक कथाओं से घिरा यह पीठ दिव्य वाणी और संवाद का प्रतीक है, और यहाँ माँ भ्रमरी के रूप में पूजा जाता है।
Mithila Shakti Peeth – मिथिला शक्ति पीठ स्थान: दरभंगा, बिहार पूजी जाने वाली शक्ति: माँ उमा पूजा जाने वाला भैरव: महोदर शरीर का अंग: बायाँ कंधा निकटतम हवाई अड्डा: दरभंगा हवाई अड्डा मिथिला शक्ति पीठ, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध दरभंगा क्षेत्र में स्थित है, जहाँ माना जाता है कि सती का बायाँ कंधा गिरा था। पौराणिक महत्व के लिए प्रसिद्ध, यह मंदिर देवी पूजा और मिथिला की परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।


