Bhargabhima Shakti Peeth – भार्गभीमा शक्ति पीठ स्थान: तामलुक, पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल पूजा जाने वाली शक्ति: भार्गभी पूजा जाने वाला भैरव: भार्गव शरीर का अंग: बायां टखना निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस भार्गभीमा शक्ति पीठ तामलुक में स्थित है और ऐसा माना जाता है कि यहीं सती जी का बायां टखना गिरा था। भक्त देवी के उग्र रूप भार्गभी की पूजा करते हैं और यह मंदिर बंगाल में अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।
Ujani Shakti Peeth – उजानी शक्ति पीठ स्थान: बर्धमान जिला, पश्चिम बंगाल पूजा जाने वाली शक्ति: मंगल चंडिका पूजा जाने वाले भैरव: कपिलांबर शरीर का अंग: दाहिना हाथ निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस माना जाता है कि उजानी शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ देवी सती का दाहिना हाथ गिरा था। यहाँ माँ मंगल चंडिका के रूप में पूजी जाने वाली देवी मनोकामनाएँ पूरी करती हैं और भक्तों को शक्ति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
Nandipur Shakti Peeth – नंदीपुर शक्ति पीठ स्थान: सैंथिया, बीरभूम जिला, पश्चिम बंगाल पूजी जाने वाली शक्ति: देवी नंदिनी पूजे जाने वाले भैरव: नंदिकेश्वर शरीर का अंग: हार निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस नंदीपुर शक्ति पीठ को पवित्र माना जाता है क्योंकि यहीं सती जी का हार गिरा था। यह मंदिर देवी नंदिनी को समर्पित है, जो आकर्षण और सुंदरता की प्रतीक हैं, और बीरभूम की सांस्कृतिक विरासत में बसा एक शांत तीर्थ स्थल है।
Tristrota Shakti Peeth – त्रिस्त्रोता शक्ति पीठ स्थान: सती पीठ रोड, तिस्तान, पश्चिम बंगाल पूजी जाने वाली शक्ति: देवी भवानी पूजे जाने वाले भैरव: ईश्वर शरीर का अंग: बायां पैर निकटतम हवाई अड्डा: बागडोगरा हवाई अड्डा, सिलीगुड़ी त्रिस्त्रोता शक्ति पीठ तीस्ता नदी के किनारे स्थित है। ऐसा माना जाता है कि सती का बायां पैर यहीं गिरा था, और इस स्थान को देवी भवानी का पवित्र स्थान माना जाता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण इसे भक्ति का एक शांत और सुखद स्थल बनाते हैं।
Ratnavali Shakti Peeth – रत्नावली शक्ति पीठ स्थान: खानकुल-कृष्णनगर, हुगली, पश्चिम बंगाल पूजी जाने वाली शक्ति: कुमारी पूजे जाने वाले भैरव: शिव शरीर का अंग: दायाँ कंधा निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस माना जाता है कि रत्नावली शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ सती का दायाँ कंधा गिरा था। देवी कुमारी को समर्पित यह मंदिर पवित्रता और शक्ति का प्रतीक है, जो भक्तों को प्रार्थना में लीन होने और आध्यात्मिक उत्थान का अनुभव करने के लिए आमंत्रित करता है।
Kankalitala Shakti Peeth – कंकालिताला शक्ति पीठ स्थान: कंकालिताला, बीरभूम, पश्चिम बंगाल पूजी जाने वाली शक्ति: देवी देवगर्भ पूजा जाने वाला भैरव: रुरु शरीर का अंग: कमर (कंकल) निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस बोलपुर के पास स्थित कंकालिताला शक्ति पीठ उस स्थान को चिह्नित करता है जहां सती की कमर गिरी थी। कोपाई नदी के किनारे स्थित यह शांत तीर्थस्थल आध्यात्मिक चिंतन और दिव्य स्त्रीत्व के प्रति भक्ति के लिए एक शांत स्थान प्रदान करता है।
Kali Ghat Shakti Peeth – कालीघाट शक्ति पीठ स्थान: कालीघाट, कोलकाता, पश्चिम बंगाल पूजा जाने वाली शक्ति: कालिका पूजा जाने वाला भैरव: नकुलेश्वर शरीर का अंग: दाहिना अंगूठा निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस कालीघाट शक्ति पीठ कोलकाता के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है, जहाँ माना जाता है कि सती जी का दाहिना अंगूठा गिरा था। यह मंदिर शक्ति पूजा का एक शक्तिशाली केंद्र है और वर्ष भर श्रद्धालु माँ कालिका का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं।
Mahishasuramardini Shakti Peeth – महिषासुरमर्दिनी शक्ति पीठ स्थान: बक्रेश्वर, बीरभूम, पश्चिम बंगाल पूजी जाने वाली शक्ति: महिषासुरमर्दिनी पूजे जाने वाले भैरव: वक्रनाथ शरीर का अंग: दाहिना हाथ निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस बक्रेश्वर में स्थित यह शक्ति पीठ, माँ दुर्गा के उग्र रूप – महिषासुरमर्दिनी को समर्पित है। यह मंदिर उस स्थान का प्रतीक है जहाँ सती जी का दाहिना हाथ गिरा था, और यह बुराई पर अच्छाई की विजय और आंतरिक शक्ति का एक शक्तिशाली प्रतीक है।
Bahula Shakti Peeth – बहुला शक्ति पीठ स्थान: बहुला, बर्धमान, पश्चिम बंगाल पूजी जाने वाली शक्ति: माँ बहुला पूजा जाने वाला भैरव: भिरुक शरीर का अंग: बायां हाथ निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस बहुला शक्ति पीठ पश्चिम बंगाल के बर्धमान में स्थित है और ऐसा माना जाता है कि यहीं सती का बायां हाथ गिरा था। यह मंदिर शक्ति और सुरक्षा का एक सुंदर प्रतीक है, जहां भक्त शक्ति और पालनहार देवी माँ का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं।
Maa Phullara Shakti Peeth – माँ फुलारा शक्ति पीठ स्थान: अट्टाहास, बीरभूम, पश्चिम बंगाल पूजा जाने वाली शक्ति: माँ फुलारा पूजा जाने वाला भैरव: विश्वेश शरीर का अंग: होंठ निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के अट्टाहास में स्थित यह शक्ति पीठ उस स्थान को चिह्नित करता है जहाँ माना जाता है कि सती के होंठ गिरे थे। यहाँ माँ फुलारा की पूजा दिव्य वाणी और कृपा के प्रतीक के रूप में की जाती है, जो इस स्थान को भक्ति और आंतरिक शांति के लिए एक शांत स्थल बनाता है।


