कालान्तर में एक गाँव में एक कुम्हार निवास करता था। वह मिट्टी के अत्यन्त सुन्दर पात्र बनाता था तथा उन्हें भट्टी में पकाकर कठोर करता था।
कालान्तर में एक गाँव में एक कुम्हार निवास करता था। वह मिट्टी के अत्यन्त सुन्दर पात्र बनाता था तथा उन्हें भट्टी में पकाकर कठोर करता था।