देवी श्रीमहालक्ष्मी कहती हैं - "हे स्वामी आपको नमन है! हे व्रताध्यक्ष! हे भगवन्! आप ही सृष्टि में वृद्धि एवं क्षय के कर्ता हैं।
देवी श्रीमहालक्ष्मी कहती हैं - "हे स्वामी आपको नमन है! हे व्रताध्यक्ष! हे भगवन्! आप ही सृष्टि में वृद्धि एवं क्षय के कर्ता हैं।