राजा दशरथ ने ऋषि वशिष्ठ से कहा - "हे महायोगिन्! चतुर्थी व्रत के माहात्म्य का श्रवण करके मुझे अत्यन्त आनन्द एवं प्रसन्नता हो रही है।
राजा दशरथ ने ऋषि वशिष्ठ से कहा - "हे महायोगिन्! चतुर्थी व्रत के माहात्म्य का श्रवण करके मुझे अत्यन्त आनन्द एवं प्रसन्नता हो रही है।