Jay Durga Shakti Peeth – जय दुर्गा शक्ति पीठ स्थान: बैद्यनाथ धाम के पास, देवघर, झारखंड पूजा जाने वाली शक्ति: जयदुर्गा पूजा जाने वाला भैरव: अभिरु शरीर का अंग: हृदय निकटतम हवाई अड्डा: देवघर हवाई अड्डा माना जाता है कि जय दुर्गा शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ देवी सती का हृदय गिरा था। प्रसिद्ध बैद्यनाथ धाम के पास स्थित यह पीठ अपार आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का केंद्र है। भक्त यहाँ भावनात्मक शक्ति और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं।
Vimala Temple (Bimala Shakti Peeth) – विमला मंदिर (बिमला शक्ति पीठ) स्थान: जगन्नाथ मंदिर के भीतर, पुरी, ओडिशा पूजा जाने वाली शक्ति: बिमला पूजा जाने वाले भैरव: जगन्नाथ शरीर का अंग: चरण निकटतम हवाई अड्डा: बिजू पटनायक पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में विमला मंदिर को एक पवित्र शक्ति पीठ माना जाता है, जहां माना जाता है कि सती के चरण गिरे थे। मां बिमला को भगवान जगन्नाथ की तांत्रिक पत्नी के रूप में पूजा जाता है और वैष्णव मंदिर में शाक्त परंपरा को कायम रखते हुए उनकी पूजा की जाती है।
Biraja Shakti Peeth – बिरजा शक्ति पीठ स्थान: जाजपुर, ओडिशा पूजा जाने वाली शक्ति: गिरिजा (बिराजा) पूजा जाने वाला भैरव: संवर्त शरीर का अंग: नाभि निकटतम हवाई अड्डा: बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, भुवनेश्वर ओडिशा स्थित बिरजा शक्ति पीठ को वह स्थान माना जाता है जहाँ देवी सती की नाभि गिरी थी। यहाँ की अधिष्ठात्री देवी, माँ बिरजा, की पूजा एक अद्वितीय रूप में की जाती है जिसमें उन्हें महिषासुर का वध करते हुए दर्शाया गया है। यह मंदिर शक्ति और तांत्रिक पूजा परंपराओं के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
Tripura Sundari Shakti Peeth – त्रिपुरा सुंदरी शक्ति पीठ स्थान: उदयपुर, गोमती जिला, त्रिपुरा पूजा जाने वाली शक्ति: त्रिपुरासुंदरी पूजा जाने वाले भैरव: त्रिपुरेश शरीर का अंग: दाहिना पैर निकटतम हवाई अड्डा: महाराजा बीर बिक्रम त्रिपुरा सुंदरी मंदिर 51 शक्ति पीठों में से एक है और पूर्वी भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह उस स्थान को चिह्नित करता है जहां सती का दाहिना पैर पड़ा था। बंगाली झोपड़ियों की तरह चौकोर आकार का यह मंदिर भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का संगम है, जो पूरे क्षेत्र से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है।
Nartiang Durga Shakti Peeth – नार्तियांग दुर्गा शक्ति पीठ स्थान: नार्तियांग, पश्चिम जयंतिया हिल्स, मेघालय पूजी जाने वाली शक्ति: जयंती पूजे जाने वाले भैरव: कामदीश्वर शरीर का अंग: बायां जांघ निकटतम हवाई अड्डा: शिलांग हवाई अड्डा माना जाता है कि नार्तियांग शक्ति पीठ वह स्थान है जहां सती की बायां जांघ गिरी थी। मेघालय की पहाड़ियों में स्थित देवी जयंती का यह मंदिर स्थानीय परंपराओं और शाक्त पूजा का अनूठा संगम है, जो इसे पूर्वोत्तर का एक अनूठा और पवित्र तीर्थस्थल बनाता है।
Kamakhya Devi Shakti Peeth – कामाख्या देवी शक्ति पीठ स्थान: नीलाचल पहाड़ी, गुवाहाटी, असम पूजा जाने वाली शक्ति: कामाख्या पूजा जाने वाले भैरव: उमानंद शरीर का अंग: गर्भाशय और योनि निकटतम हवाई अड्डा: लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई कामाख्या देवी शक्ति पीठ भारत के सबसे शक्तिशाली और प्रसिद्ध शक्ति पीठों में से एक है। यह वह स्थान है जहाँ सती की योनि गिरी थी। यह मंदिर तांत्रिक पूजा का एक प्रमुख केंद्र है और अपनी आध्यात्मिक और रहस्यमयी ऊर्जा के लिए अत्यधिक पूजनीय है।
Bhargabhima Shakti Peeth – भार्गभीमा शक्ति पीठ स्थान: तामलुक, पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल पूजा जाने वाली शक्ति: भार्गभी पूजा जाने वाला भैरव: भार्गव शरीर का अंग: बायां टखना निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस भार्गभीमा शक्ति पीठ तामलुक में स्थित है और ऐसा माना जाता है कि यहीं सती जी का बायां टखना गिरा था। भक्त देवी के उग्र रूप भार्गभी की पूजा करते हैं और यह मंदिर बंगाल में अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।
Ujani Shakti Peeth – उजानी शक्ति पीठ स्थान: बर्धमान जिला, पश्चिम बंगाल पूजा जाने वाली शक्ति: मंगल चंडिका पूजा जाने वाले भैरव: कपिलांबर शरीर का अंग: दाहिना हाथ निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस माना जाता है कि उजानी शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ देवी सती का दाहिना हाथ गिरा था। यहाँ माँ मंगल चंडिका के रूप में पूजी जाने वाली देवी मनोकामनाएँ पूरी करती हैं और भक्तों को शक्ति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
Nandipur Shakti Peeth – नंदीपुर शक्ति पीठ स्थान: सैंथिया, बीरभूम जिला, पश्चिम बंगाल पूजी जाने वाली शक्ति: देवी नंदिनी पूजे जाने वाले भैरव: नंदिकेश्वर शरीर का अंग: हार निकटतम हवाई अड्डा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस नंदीपुर शक्ति पीठ को पवित्र माना जाता है क्योंकि यहीं सती जी का हार गिरा था। यह मंदिर देवी नंदिनी को समर्पित है, जो आकर्षण और सुंदरता की प्रतीक हैं, और बीरभूम की सांस्कृतिक विरासत में बसा एक शांत तीर्थ स्थल है।
Tristrota Shakti Peeth – त्रिस्त्रोता शक्ति पीठ स्थान: सती पीठ रोड, तिस्तान, पश्चिम बंगाल पूजी जाने वाली शक्ति: देवी भवानी पूजे जाने वाले भैरव: ईश्वर शरीर का अंग: बायां पैर निकटतम हवाई अड्डा: बागडोगरा हवाई अड्डा, सिलीगुड़ी त्रिस्त्रोता शक्ति पीठ तीस्ता नदी के किनारे स्थित है। ऐसा माना जाता है कि सती का बायां पैर यहीं गिरा था, और इस स्थान को देवी भवानी का पवित्र स्थान माना जाता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण इसे भक्ति का एक शांत और सुखद स्थल बनाते हैं।


