प्राचीनकाल में किसी राज्य में एक वृद्धा निवास करती थी। वह वृद्धा प्रति रविवार नियमपूर्वक प्रातः स्नानादि कर्मों से निवृत होकर समस्त घर को गोबर से लीपती थी।
प्राचीनकाल में किसी राज्य में एक वृद्धा निवास करती थी। वह वृद्धा प्रति रविवार नियमपूर्वक प्रातः स्नानादि कर्मों से निवृत होकर समस्त घर को गोबर से लीपती थी।