रवि प्रदोष व्रत की कथा श्रवण करने के पश्चात् शौनकादि ऋषि ने कहा - "हे मुनिश्रेष्ठ सूतजी! अब आप हमें सोम त्रयोदशी प्रदोष की कथा सुनाने की कृपा करें।"
रवि प्रदोष व्रत की कथा श्रवण करने के पश्चात् शौनकादि ऋषि ने कहा - "हे मुनिश्रेष्ठ सूतजी! अब आप हमें सोम त्रयोदशी प्रदोष की कथा सुनाने की कृपा करें।"