ऋषि वालखिल्य बोले - "कार्तिक शुक्लपक्ष की द्वितीया को यम द्वितीया कहते हैं। यम द्वितीया के पावन अवसर पर सायंकाल के समय यमदेव की पूजा-अर्चना करनी चाहिये।
ऋषि वालखिल्य बोले - "कार्तिक शुक्लपक्ष की द्वितीया को यम द्वितीया कहते हैं। यम द्वितीया के पावन अवसर पर सायंकाल के समय यमदेव की पूजा-अर्चना करनी चाहिये।