सीता विराजित मिथिलाधाम सब मिल कर करें आरती। संग सुशोभित लछुमन-राम सब मिल कर करें आरती।।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता, या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड तेरे द्वार खडे। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वाला तेरी भेट धरेसुन।।1।।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता ब्रह्मा सनातन देवी शुभफल की दाता ।।
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी ।। जय अम्बे गौरी ॥
Shree Laxmi Maa Aarti : श्री लक्ष्मी माता की आरती महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरी ।हरिप्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता ।तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…. उमा, रमा, ब्रम्हाणी, तुम जग की माता ।सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…. दुर्गारुप निरंजन, सुख संपत्ति दाता ।जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि सिद्धि धन पाता ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…. तुम ही पाताल निवासनी, तुम ही शुभदाता ।कर्मप्रभाव प्रकाशनी, भवनिधि की त्राता ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…. जिस घर तुम रहती हो, ताँहि में हैं सद् गुण आता।सब सभंव हो जाता,…


