Janasthan Shakti Peeth – जनस्थान शक्ति पीठ स्थान: नासिक, महाराष्ट्र पूजा जाने वाली शक्ति: माँ भ्रमरी पूजा जाने वाला भैरव: विकृतक्ष शरीर का अंग: ठुड्डी निकटतम हवाई अड्डा: नासिक हवाई अड्डा पवित्र नगर नासिक में स्थित जनस्थान शक्ति पीठ को वह स्थान माना जाता है जहाँ सती की ठुड्डी गिरी थी। आध्यात्मिक इतिहास और पौराणिक कथाओं से घिरा यह पीठ दिव्य वाणी और संवाद का प्रतीक है, और यहाँ माँ भ्रमरी के रूप में पूजा जाता है।
Mithila Shakti Peeth – मिथिला शक्ति पीठ स्थान: दरभंगा, बिहार पूजी जाने वाली शक्ति: माँ उमा पूजा जाने वाला भैरव: महोदर शरीर का अंग: बायाँ कंधा निकटतम हवाई अड्डा: दरभंगा हवाई अड्डा मिथिला शक्ति पीठ, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध दरभंगा क्षेत्र में स्थित है, जहाँ माना जाता है कि सती का बायाँ कंधा गिरा था। पौराणिक महत्व के लिए प्रसिद्ध, यह मंदिर देवी पूजा और मिथिला की परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।
Patan Devi Shakti Peeth – पाटन देवी शक्ति पीठ स्थान: पटना, बिहार पूजी जाने वाली शक्ति: माँ सर्वानंदकारी पूजे जाने वाले भैरव: वैद्यनाथ शरीर का अंग: दाहिनी जांघ निकटतम हवाई अड्डा: जय प्रकाश नारायण पटना के मध्य में स्थित पाटन देवी शक्ति पीठ शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है, माना जाता है कि यहीं सती की दाहिनी जांघ गिरी थी। यह मंदिर नारी शक्ति का प्रतीक है और शक्ति भक्तों के बीच इसका बहुत महत्व है।
Savitri Shakti Peeth – सावित्री शक्ति पीठ स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा पूजी जाने वाली शक्ति: माँ सावित्री पूजे जाने वाले भैरव: ईश्वर शरीर का अंग: हथेली निकटतम हवाई अड्डा: चंडीगढ़ हवाई अड्डा कुरुक्षेत्र स्थित सावित्री शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ माना जाता है कि सती की हथेली गिरी थी। अपने आध्यात्मिक वातावरण के लिए पूजनीय यह मंदिर महाभारत की पवित्र भूमि में ज्ञान, प्रेरणा और माँ सावित्री का आशीर्वाद पाने के लिए भक्तों को आकर्षित करता है।
Tripurmalini Shakti Peeth – त्रिपुरमालिनी शक्ति पीठ स्थान: जालंधर, पंजाब पूजी जाने वाली शक्ति: माँ त्रिपुरमालिनी पूजा जाने वाला भैरव: भीषण शरीर का अंग: बायां स्तन निकटतम हवाई अड्डा: लुधियाना हवाई अड्डा त्रिपुरमालिनी शक्ति पीठ को वह पवित्र स्थान माना जाता है जहाँ सती जी का बायां स्तन गिरा था। जालंधर में स्थित यह मंदिर अत्यंत धार्मिक महत्व रखता है और प्रेम, देखभाल और दिव्य शक्ति का प्रतीक माँ त्रिपुरमालिनी को समर्पित है।
Jwala Devi Shakti Peeth – ज्वाला देवी शक्ति पीठ स्थान: कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश पूजा जाने वाली शक्ति: माँ ज्वाला पूजा जाने वाला भैरव: उन्मत्त भैरव शरीर का अंग: जीभ निकटतम हवाई अड्डा: गग्गल हवाई अड्डा, कांगड़ा ज्वाला देवी शक्ति पीठ सबसे शक्तिशाली और रहस्यमय मंदिरों में से एक है, जो बिना ईंधन के प्राकृतिक रूप से जलती हुई शाश्वत लौ के लिए प्रसिद्ध है। यह वह स्थान है जहाँ सती की जीभ गिरी थी और यह देवी की प्रचंड ऊर्जा का प्रतीक एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।
Shri Parvat Shakti Peeth – श्री पर्वत शक्ति पीठ स्थान: भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य का लद्दाख क्षेत्र पूजा जाने वाली शक्ति: माँ श्री सुंदरी पूजा जाने वाले भैरव: सुंदरानंद शरीर का अंग: दाहिना पायल महत्वपूर्ण जानकारी स्थान: भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य का लद्दाख क्षेत्र समय: सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक घूमने का सबसे अच्छा समय: जून से अक्टूबर के बीच और विजयदशमी, दुर्गा पूजा और नवरात्रि के त्योहारों के दौरान निकटतम रेलवे स्टेशन: जम्मू तवी निकटतम हवाई अड्डा: लेह लद्दाख हवाई अड्डा प्रमुख त्योहार: दुर्गा पूजा और नवरात्रि जम्मू और कश्मीर के शांत…
Panch Sagar Shakti Peeth – पंच सागर शक्ति पीठ स्थान: वाराणसी, उत्तर प्रदेश पूजी जाने वाली शक्ति: माँ वराही पूजे जाने वाले भैरव: महारुद्र शरीर का अंग: निचले दांत या जबड़ा निकटतम हवाई अड्डा: लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा पंच सागर शक्ति पीठ वाराणसी के पवित्र शहर में स्थित है और ऐसा माना जाता है कि यह वह स्थान है जहाँ सती के निचले दांत या जबड़ा गिरे थे। यह कम प्रसिद्ध लेकिन अत्यंत पूजनीय तीर्थस्थल है, जो दिव्य शक्ति और सुरक्षा चाहने वाले भक्तों के लिए आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है।
Ramgiri Shakti Peeth – रामगिरि शक्ति पीठ स्थान: चित्रकूट, उत्तर प्रदेश पूजी जाने वाली शक्ति: माँ शिवानी पूजे जाने वाले भैरव: भैरव चंद शरीर का अंग: दायाँ स्तन निकटतम हवाई अड्डा: प्रयागराज हवाई अड्डा चित्रकूट के आध्यात्मिक रूप से जीवंत क्षेत्र में स्थित रामगिरि शक्ति पीठ को वह स्थान माना जाता है जहाँ सती का दायाँ स्तन गिरा था। माँ शिवानी को समर्पित यह मंदिर शक्ति और दिव्य पोषण का प्रतीक है, जो शांति, स्वास्थ्य और आशीर्वाद की तलाश में तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है।
Lalita Devi Shakti Peeth – ललिता देवी शक्ति पीठ स्थान: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश पूजी जाने वाली शक्ति: माँ ललिता पूजे जाने वाले भैरव: भैरव भवन शरीर का अंग: उंगली निकटतम हवाई अड्डा: प्रयागराज हवाई अड्डा ललिता देवी शक्ति पीठ प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के पास स्थित है, जहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती नदियाँ मिलती हैं। माना जाता है कि यहीं सती की उंगली गिरी थी। यह मंदिर वैदिक परंपरा में गहराई से जुड़ा हुआ है और कुंभ मेले जैसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान हजारों लोग दर्शन करने आते हैं।


