Guhyeshwari Shakti Peeth – गुह्येश्वरी शक्ति पीठ स्थान: काठमांडू, नेपाल पूजी जाने वाली शक्ति: गुह्यकाली पूजे जाने वाले भैरव: कपाली शरीर का अंग: कूल्हे निकटतम हवाई अड्डा: त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित गुह्येश्वरी शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ माना जाता है कि सती के कूल्हे गिरे थे। यह सबसे पूजनीय शक्ति पीठों में से एक है, जो अपनी शक्तिशाली आध्यात्मिक आभा और तांत्रिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
Gandaki Chandi Shakti Peeth – गंडकी चंडी शक्ति पीठ स्थान: मुक्तिनाथ, नेपाल पूजा जाने वाली शक्ति: गंडकी चंडी पूजा जाने वाला भैरव: चक्रपाणि शरीर का अंग: घुटने निकटतम हवाई अड्डा: पोखरा हवाई अड्डा मुक्तिनाथ के पवित्र वातावरण में स्थित, गंडकी चंडी शक्ति पीठ को वह स्थान माना जाता है जहाँ सती के घुटने गिरे थे। हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों में पूजनीय, यह स्थान अपार दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति का स्रोत है।
Nagapooshani Amman Shakti Peeth – नागपूशनी अम्मन शक्ति पीठ स्थान: नैनातिवु द्वीप, श्रीलंका पूजी जाने वाली शक्ति: नागपूशनी पूजे जाने वाले भैरव: रक्षेश्वर शरीर का अंग: पायल निकटतम हवाई अड्डा: जाफना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा श्रीलंका के एक शांत द्वीप पर स्थित, यह शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ माना जाता है कि सती की पायल गिरी थी। नागपूशनी अम्मन मंदिर एक भव्य स्थल है, जो सांस्कृतिक विरासत और गहन आध्यात्मिक महत्व का संगम है।
Narmada Shakti Peeth – नर्मदा शक्ति पीठ स्थान: अमरकंटक, मध्य प्रदेश पूजी जाने वाली शक्ति: नर्मदा देवी पूजे जाने वाले भैरव: वद्रसेन शरीर का अंग: दाहिना कूल्हा निकटतम हवाई अड्डा: जबलपुर हवाई अड्डा पवित्र नर्मदा नदी के उद्गम स्थल के निकट स्थित यह शक्ति पीठ उस स्थान को चिह्नित करता है जहाँ माना जाता है कि सती का दाहिना कूल्हा गिरा था। प्रकृति और दिव्यता से घिरा नर्मदा शक्ति पीठ साधकों और भक्तों के लिए आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने वाला एक स्थल है।
Kalmadhav Shakti Peeth – कलमधव शक्ति पीठ स्थान: अमरकंटक, मध्य प्रदेश पूजी जाने वाली शक्ति: काली पूजा जाने वाला भैरव: असितांग शरीर का अंग: दाहिना नितंब निकटतम हवाई अड्डा: जबलपुर हवाई अड्डा कलमधव शक्ति पीठ अमरकंटक के आध्यात्मिक नगर में स्थित है, जो नर्मदा नदी का उद्गम स्थल है। यह पीठ उस स्थान को चिह्नित करता है जहां सती का दाहिना नितंब गिरा था। भक्त इस शांत स्थान पर दिव्य ऊर्जा, प्राकृतिक सुंदरता और मां काली के आशीर्वाद के लिए आते हैं।
Bhairav Parvat Shakti Peeth – भैरव पर्वत शक्ति पीठ स्थान: उज्जैन, मध्य प्रदेश पूजा जाने वाली शक्ति: अवंती पूजा जाने वाले भैरव: भैरव शरीर का अंग: मुख होंठ निकटतम हवाई अड्डा: देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डा, इंदौर पवित्र नगर उज्जैन में स्थित भैरव पर्वत शक्ति पीठ, सती के मुख होंठ से संबंधित है। यह एक आध्यात्मिक रूप से जीवंत स्थान है जहाँ शक्ति और भैरव दोनों की अत्यंत श्रद्धा से पूजा की जाती है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है, जो तीर्थयात्रियों को एक शांत और शक्तिशाली अनुभव प्रदान करता है।
Jay Durga Shakti Peeth – जय दुर्गा शक्ति पीठ स्थान: बैद्यनाथ धाम के पास, देवघर, झारखंड पूजा जाने वाली शक्ति: जयदुर्गा पूजा जाने वाला भैरव: अभिरु शरीर का अंग: हृदय निकटतम हवाई अड्डा: देवघर हवाई अड्डा माना जाता है कि जय दुर्गा शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ देवी सती का हृदय गिरा था। प्रसिद्ध बैद्यनाथ धाम के पास स्थित यह पीठ अपार आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का केंद्र है। भक्त यहाँ भावनात्मक शक्ति और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं।
Vimala Temple (Bimala Shakti Peeth) – विमला मंदिर (बिमला शक्ति पीठ) स्थान: जगन्नाथ मंदिर के भीतर, पुरी, ओडिशा पूजा जाने वाली शक्ति: बिमला पूजा जाने वाले भैरव: जगन्नाथ शरीर का अंग: चरण निकटतम हवाई अड्डा: बिजू पटनायक पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में विमला मंदिर को एक पवित्र शक्ति पीठ माना जाता है, जहां माना जाता है कि सती के चरण गिरे थे। मां बिमला को भगवान जगन्नाथ की तांत्रिक पत्नी के रूप में पूजा जाता है और वैष्णव मंदिर में शाक्त परंपरा को कायम रखते हुए उनकी पूजा की जाती है।
Biraja Shakti Peeth – बिरजा शक्ति पीठ स्थान: जाजपुर, ओडिशा पूजा जाने वाली शक्ति: गिरिजा (बिराजा) पूजा जाने वाला भैरव: संवर्त शरीर का अंग: नाभि निकटतम हवाई अड्डा: बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, भुवनेश्वर ओडिशा स्थित बिरजा शक्ति पीठ को वह स्थान माना जाता है जहाँ देवी सती की नाभि गिरी थी। यहाँ की अधिष्ठात्री देवी, माँ बिरजा, की पूजा एक अद्वितीय रूप में की जाती है जिसमें उन्हें महिषासुर का वध करते हुए दर्शाया गया है। यह मंदिर शक्ति और तांत्रिक पूजा परंपराओं के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
Tripura Sundari Shakti Peeth – त्रिपुरा सुंदरी शक्ति पीठ स्थान: उदयपुर, गोमती जिला, त्रिपुरा पूजा जाने वाली शक्ति: त्रिपुरासुंदरी पूजा जाने वाले भैरव: त्रिपुरेश शरीर का अंग: दाहिना पैर निकटतम हवाई अड्डा: महाराजा बीर बिक्रम त्रिपुरा सुंदरी मंदिर 51 शक्ति पीठों में से एक है और पूर्वी भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह उस स्थान को चिह्नित करता है जहां सती का दाहिना पैर पड़ा था। बंगाली झोपड़ियों की तरह चौकोर आकार का यह मंदिर भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का संगम है, जो पूरे क्षेत्र से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है।


